कयों करे हम
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Altın Yaprak
कयों करे हम
Tuesday, February 6,2018
9: 10 AM
मेरा दिल जवां है
और तेरे दिल का हाल भी जानता है
फिर भी ना जाने क्यों?
मुझे ऐसा आभास क्यों होता है?
में यह भी जानता
तुम्हारा दिल भी यही कहता!
क्यों मुझे सोचने पर मजबूर करती हो?
और कहने पर प्रेरित करती हो।
तुम्हारा दिल धकधक करता है
और मेरा मन चुपचाप रहता है
कही खेल सारा बिगड़ ना जाए
यही सोच कर परेशान रहता है।
तुम तीन जो भी सोचते हो "सही है"
मेरा भी मानना यही है
पर एक बात दिल खोलकर बता दो
बाकी सब तकल्लुफ जाने दो।
आओ नयी रोशनी में नया जीवन शुरू करे
संसार में आगे बढ़ने की पहल करे
होंसले बुलंद है तो फिर काहे की फ़िक्र
कयों करे बारबार हम उसका जिक़्र।
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