खौफ का झहर Khauf
M
0
Altın Yaprak
खौफ का झहर
किस किस से नफरत करोगे?
समय आने पर सहारा किससे लोगे?
कौन होगा आपके दुःख को समझने वाला?
अपनी शरण में बखूबी से लेने वाला।
ये सब नामुम्क़िन है
और मुश्किल भी
यदि आप किसी से मेलजोल नहीं रखते
दोस्ताना वजूद को तबज्जु नहीं देते!
दोस्तों का होना एक अच्छी निशानी है
ये है अपने आप में एक अच्छी मिसाल की कहानी
दोस्तों से बढ़कर मददगार और कोई नहीं
क्योंकि कृष्णा सुदामा का जोड़ीदार और कोई नहीं।
दोस्ती में हमेशा ख़ुशी ही बांटना
रंजिश को कभी जगह मत देना
एक दुसरो को समझने की कोशिश करना
और हो सके तो थोड़ा सा दरगुजर करना।
दोस्ती की और कोई मिसाल नहीं
वो हमेशा बेमिसाल ही रही
किसी ने उसका फायदा नहीं उठाया
बस अपने हिस्से में घाटा ही खाया।
नफरत नहीं मिटाता
बल्कि बढ़ाता
खूब खौफ का झहर
ओर फैलाता उसका कहर।
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş