नये पाप से..Nayee Pap Se
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Altın Yaprak
नये पाप से
मरो ओर अपनों खाई खुद खोदो
बच सको तो खुद बचो
वरना ये आग ले डूबेगी
दाने दाने का मोहताज कर देगी।
कहाँ जा रहे है हम
वां को बर्बाद करने तूले है हम
लोग जाय भाड़ मे अपना उल्लू सीधा करो
मारो, काटो, जला दो और न सुधरो।
देश को नहीं चलने देना है
अकेले आदमी को गिरा देना है
वो थक के अपने आप भाग जाएगा
बर्बादी का सेहरा उसके सर लग जायेगा।
अपने काल में कुछ न कर पाए
अब निकले है चिंता जता ने
न संसद चलने देते है
और नहीं हाजिर रहते है।
न करो देश का अपमान
टुकड़े करने से नही बढेगी शान
संकल्प कर लो आज ही अपने आप से
बच सको तो बच लो इस नये पाप से।
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