पर हमारा आज है Par Hamaraa
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Altın Yaprak
पर हमारा आज है
तेरा साया मेरे साथ है
हाथ मे लीया तूने मेरा हाथ है
कैसे कहु में तुझे तेरा क्या काम है?
पलभर न हो साथ तो सब काम तमाम है
तू ही जीवन संगिनी और मेरी रागिनी
मेरी बन गयी है साथी और भगिनी
कैसे कटी चोराहेवाली वाली जिन्दगी
था वो अपनापान और रही सादगी
चलते रहे हम दुनिया के बाजार में
कभी रहा कभी ना रहा विस्वास इन्तेजार में
रहे न कभी हम एक दुझे से नाराज
सुनी एक दुजे की दिल से निकली आवाज
में भी ओढ़े रहां तेरे विश्वास का आँचल
मन कभी कभी हो जाता था चंचल
फिर दृढ विश्वास से हम आगे बढे
चलते रहे चलते रहे और ऊपर को चढ़े
ये ही दास्तान ये ही जीवन है मेरा
काफिला आगे बढ़ गया और जीवन हुआ सुनेहरा
न बोज कभी दिल में ढोया
न कभी चिंता की और सुख की नींद सोया
किसी से ना कहूँ जीवन की पहेलियाँ
यदि पूछती भी रहे उसकी सहेलियां
यदि सब खुश है तो मुझे क्या एतराज है?
जीवन भले ही राज हो, पर हमारा आज है
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