पश्च्याताप करते करते
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Altın Yaprak
पश्च्याताप करते करते
Saturday, March 31,2018
2: 43 PM
वक्त नाही बेदर्द है
और नाही हमदर्द
पहचाननेवालेहै असली मर्द
बाकिओंका होता है बेडा गर्क।
नहीं समझनेवाले अनाडी है
मारते है खुद ही कुल्हाड़ी
ना देखपाते है अगाडी
और ना ही कर पाते है पिछाड़ी।
समय बड़ा बलवान है
बाकि यदि जो है भगवान् मेहरबान
तौ उसकी दया से गधा भी पेहलवान
नहीं तो रहोगे सारी उम्र दीन (गरीब) .
समय का मारा
आदमी घूमता रहा बेचारा
नाही कोई चारा
और नाही कोई किनारा।
समय होता ताकतवर
कर देता सपना चकनाचूर
उसका एक ही है इलाज है अक्सीर
रहे साथ आपका सदाचार।
समय को जाते देर नहीं लगती
गरीब की हाय हमेशा कहती
इतना भी सितम ना गुजारो!
पश्च्याताप करते करते बित जाय जनमारो।
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