आओ बातें कर ले
M
0
Altın Yaprak
रात की आँखों में सियाही न जमने पाये
सुबह की महती खुशबू न थमने पाये
थोड़ी देर साँसों की रवानी करले
आओ बातें कर ले!
जो ग़ुबार दिल में दफ़न है वह निकल ही जाये
पाओं की बेड़ियां आज खुल ही जाये
मौका फिर ये मिले या न मिले
आओ बातें कर ले!
कुछ तुम अपनी कहना कुछ तुम हमारी सुनना
एक नयी बात नयी सोच सुहानी कर ले
रह गयी बात जो वो पुरानी कर ले
आओ बातें कर ले मुलाक़ातें कर ले!
रस्मो रिवाज की ज़ंजीरों से परे
आओ हम तुम कहीं ख्वाबों में मिले
कर ले दूर आज शिकवे और गिले
इन बूढी सोच में जवानी भर ले
आओ बातें कर ले!
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş