मूल―बेद न पुरान गान, जानौं
T Tulsidas
Günün şiiri
· 08 Ağustos 2026
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Altın Yaprak
मूल―बेद न पुरान गान, जानौं न बिज्ञान ज्ञान, ध्यान, धारना, समाधि, साधन-प्रबीनता
नाहिंन बिराग, जोग, जाग, भाग 'तुलसी' के, दया-दान दूबरो हौं, पाप ही की पीनता
लोभ-मोह-काम-कोह-दोष-कोष मो सो कौन? कलिहू जो सीखि लई मेरियै मलीनता
एक ही भरोसो राम रावरो कहावत हौं, राबरे दयालु दीनबंधु, मेरी दीनता
Kamu malı: şairin ölümünün üzerinden 70 yıldan fazla geçti.
Metnin kaynağı: Kamu malı arşiv
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