رباعی شمارهٔ ۴۹۳

ا ابوسعید ابوالخیر
0 स्वर्ण पत्ता
ببرید ز من نگار هم خانگیم بدرید به تن لباس فرزانگیم مجنون به نصیحت دلم آمده است بنگر به کجا رسیده دیوانگیم

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