एहसास कीजिए Ehsaas
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Altın Yaprak
एहसास कीजिए
Saturday, May 19,2018
11: 15 AM
एहसास कीजिए
मन को मना लीजिए
दिल में उतार लीजिए
फिर उसका इकरार कीजिए।
दिल तो दिल ही है
मन की मर्जी है
मन माने या ना माने
पर वो रहेंगे दिलवाले।
दिल की माने
या मन की मानें
फिर भी मर जाएंगे परवाने
और कैहलाएँगे मस्ताने।
दुनिया सदा प्यार की दुश्मन रही है
हमदर्द बनकर कभी नहीं पूछ रही है
बसजालिमों की तरह, कैर बरसा रही है
अपनी नजरो में सिर्फ जहर का, नजारा दिखा रही है।
कोई "नीलकंठ" बनकर नहीं उभरता
बस धिरे हुए के ऊपर लात मारता
प्रेम का सरेआम अपमान करता
कई बार तो प्रेमी जोड़े का, क़त्ल कर देता
ये दूनिया की अनोखी रीत है
पराई तो प्रीत है
दो दिल एक होते है
आसमा मानो धरती से मिला लगता है
हसमुख अमथालाल मेहता
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