रोज बढ़ेगी.. Roj
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Altın Yaprak
रोज बढ़ेगी
Monday, November 18,2019
10: 58 AM
रोज बढ़ेगी
रोज बटेगी
सादगी तेरी सदा रहेगी
बोली तेरी मीठी रहेगी।रोज बढ़ेगी
भाईचारा की दुवा करना
मालिक से बस यही मांगना
ना करना हमें ज्यादा पराए
बिन मांगे बारिस को लाए।रोज बढ़ेगी
गम नहीं है चेहरे पर
खुशियां मिलती है बटोरकर
सब के लिए मेरी यही खाव्हिश
करता रहता हूँ यही कोशिश।रोज बढ़ेगी
मुसकुराना मेरी आदत है
यही मेरी इबाद्दत है
देखना चाहता हु सबके चेहरे पर
मिटाना चाहता हु गमगीनी हर मोहरे पर।रोज बढ़ेगी
दुआ दो तो ही मिलेगी
सब की परेशानी दूर होगी
मांगने से कभी नहीं मिलती
अच्छे कर्म से सदा मिलती।रोज बढ़ेगी
मे तो खामोश हो जाऊंगा
कुछ नहीं कहपाउँगा
पर याद रखना मेरी अंदरूनी इच्छा
कर ले ना कभी उसकी भी पृच्छा।रोज बढ़ेगी
हसमुख मेहता
Courtesy: Ayub khawar
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