आरज़ू - Aarzoo
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Altın Yaprak
मौसम बदले, आरजूएं बदली बदल गयी तमन्नाएँ
इस बदलते हुए मौसम में दिल को सुकून कैसे आएं
एक हम है की जीते है आरज़ूओं पे उम्र भर
एक वो हैं की रखते हैं आरज़ू दबाये हुए
अब तो कटने लगी है आरज़ू पे ज़िन्दगी
कैसे कहें की दिल में कोई आरज़ू नहीं
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