सी ले लबों को तेरे
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Altın Yaprak
सी ले लबों को तेरे
के लफ्ज़ फंदे बनने लगें हैं
बोलने वालों के यहाँ
निशान मिटने लगे हैं
अंध भख्तों के शहर में
भक्ति बड़ी, इंसानियत छोटी हुई है
रख संभाल अपने ख्याल दिल में अभी
वक़्त का तकाज़ा कुछ और है अभी
गवाह है ये ज़मीन
आसमान ने भी देखा है
जिस शख्स ने भी खुदा होने का दावा किया
उसे पत्थर का बूत बना चौराहे पर रखा गया
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