सांझ का समय
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Altın Yaprak
सांझ का समय, आकाश में एक चाँद दिखाई दिया;
फिर वो ज़मीनपर मुझे देखने के लिए उतरा।
जैसे शिकार के समय बाज, चड़िया चुराता है;
उस चाँद ने मुझे चुरा लिया और लौट गया, आकाश में ।
मैंने खुद को देखा, कुछ नज़र नहीं आया;
उस चाँद में मेरा शरीर आत्मा से तृप्त हो गया जैसे।
उस चाँद में नौ गोले गायब हो गए;
और मेरा अस्तित्व उसमे एसे समां गया जैसे समुद्रमें जहाज़ ।
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