नेताजी की स्तुति
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Altın Yaprak
तुम ही हो भगवान मेरे
तुम हो कृपा - निधान मेरे
तम्हारी ही कृपा से बनती है
जीवन का हर शृंगार मेरे
तुम ही हो भगवान मेरे!
तुम्हारी कृपा से मिलती है
सोने की ताज और सारे यश
तुम्हारी कृपा से मिलती है
सब ऐशो-आराम मेरे
तुम ही हो भगवान मेरे!
ये भी क्या कलियुग आया
भूखमरी और बेकारी लाया
लेकिन तुम हो मेरे दाता
सह लेते हो हँस- हँस कर
बस तुम ही हो भगवान मेरे!
तुम्हे न चाहिये रुपया - पैसा
न ही चाहिये कोई चढ़ावा
तुम तो ऐसे भोले हो बाबा
समर्पित करते हो सारा जीवन
बस बनाये रखना अमूल्य कृपा!
तुम हो समस्त ऐश्वर्य के मालिक
तभी तो पूजते सारे नेतागण
एक बार यदि हाँ कह देते
मिल जाती दुनिया की दौलत
बस तुम ही हो भगवान मेरे!
तुम जो रूष्ट होते एक पल
खाक छाननी पड़ती है गली गली
मक्खन रोटी और राबड़ी क्या
मिलती नहीं सूखी रोटी
बस तुम ही हो भगवान मेरे!
ऐ दया के स्वामि मेरे
कृपा करो मुझ पर हर पल
ताकि हर चुनाव जीतू मैं
मिल जाय यह राजतिलक
बस तुम ही हो भगवान मेरे!
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