छार ते सॅवारिकै पहार हू
T Tulsidas
Günün şiiri
· 14 Eylül 2026
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Altın Yaprak
छार ते सॅवारिकै पहार हू ते भारो कियो, गारो भयो पंच में पुनीत पच्छ पाइकै
हों तौ जैसो तब तैसो अब, अधमाई कै कै, पेट भरौं राम रावरोई गुन गाइकै
आपने निवाजे की पै कीजै लाज, महाराज, मेरी ओर फेरिक न बैठिए रिसाइकै
पालिकै कृपालु ब्याल-बाल को न मारिए, औ काटिए न, नाथ! बिषहू को रुख लाइकै
Kamu malı: şairin ölümünün üzerinden 70 yıldan fazla geçti.
Metnin kaynağı: Kamu malı arşiv
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