कौन जानता है
A Akhtar Jawad
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Altın Yaprak
कौनजानताहै
कौन पहले जाए गा
लेकिन वह उसके बिना रह सकता नहीं
खो जाए गा
यदि उसको नहीं पाए गा!
वह तो जीवन संगिनी है
अर्धांगिनी है
जीवन कीकल्पनाउसकेबिना
असंभव है
जीवन और प्रेम मिलकर
मनु और श्रद्धा की जोड़ी बनाते हैं
हे मां तेरे लिए क्या कठिन है?
कुछ ऐसाकरदे
जो एक उदाहरण बन जाए
दोनों संग संग
जैसेवहसूर्यौदय के साथ अपना व्रत तोड़ते हैं.
एक साथस्वर्ग की एक बाटिका में
एक दुसरे के लिए एकउपहारचुनने जाएँ
अंतिमउपहारऔर कया होसकता है
सुगन्धित कोमल गुलाब के पुष्पों के अतिरिक्त!
(अख्तर जवाद)
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