चांदनी का राज्य
A Akhtar Jawad
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Altın Yaprak
बहुत दिन हुए किसी ने एक दिया जलाया था
अब इस दिए का तेल समाप्त हुआ
यह जो थोड़ा सा प्रकाश दिखता है
यह तो इस दिए की बत्ती है
देखिये कब तक यह जलती है
बहुत दिन हुए किसी ने एक फूल खिलाया था
वह फूल तो सूख कर फल बन गया
यह जो जीवन का जंगल दिखता है
यह तो उसके बीजों का चमत्कार है
देखिये कब तक जीवित रहता यह पयार है
यह जो चांदनी धरती पर उतरती है,
यह तो सूर्य की अग्नि की प्रतिबिंब है,
सारी अग्नि अपने अंदर समेट कर,
नारी स्वयं तो जल जाती है,
पर जीवन का बन पीछे छोड़ जाती है
हर पैदा होने वाली बालिका
इस संदेश के साथ आती है,
जब तक माताएं बालिकाएं जानती रहें गई,
सूर्य भी ठंडा नहीं हो सके गा,
रातों पर चांदनी का राज रहे गा
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