'खिलखिलाके हंस दिए ': khilkhilake
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Altın Yaprak
'खिलखिलाके हंस दिए ':
छेड़ दिया हमें यह कहकर 'आप मुझे पसंद नहीं'
हवा निकल गयी गुब्बारे की बस अब आनंद नहीं
सोचते रहे दिन रात भर 'क्या किया जाय जान को मनाने'
लगा दिए सब शरीर के पुर्जे काम पर 'कुछ ढूँढ लाने '
पूनम के दिन भी हमारा चाँद नहीं निकला
नाहीं शांति मिली और नाही सुलझा मसला
अब तो मन की शांति भी जवाब देने लगी
कुछ भी कर पांने की आस भी छूटने लगी।
ना रागनी अच्छी लगती थी और नहीं कोई संगीत
बस सब जान के दुश्मन लगते थे और ये बेसुरे भी गीत
मुझे फिर भी लगा 'कुछ तो उन्हों ने सोचा होगा'
उनके दिल में यह संशय की 'हमने कुछ जरूर छुपाया होगा '
गाड़ी अच्छी भली चल रही थी
हवाएँ भी खूब साथ दे रही थी
ना जाने ये दिल में ख्याल उनके क्यों आया?
हमको भी मजबूर किया और खूब रुलाया।
लगा बाजी हाथ से फिसल रही है
अंदर से आत्मा कराह रही है
बार बार उनसे बात करने को जी चाह रहा है
मन भी धीरे से ये बात दोहरा रहा है
एक दिन कुछ ऐसा ख़याल मने में आया
में चुपके से उनके पास पहुँच गया
वो कोपायमान थी और गुस्से से भरपूर
कर दी बारिश दुआंधार और हम हो गए चकनाचूर।
बस यह गुस्से ने अपना काम कर दिया
मन में एक आग थी उसको ठंडा कर दिया
वो रो दिए और हमें विचलित सा कर दिया
हम आये थे दिलासा देने हमें खुद ही रुला दिया।
'इतना सोचने की जरुरत नहीं'
'दिल में नफरत के लिए कोई जगह नहीं'
हमने उन्हें कई शब्द प्यार से कह दिए
वो भी समज गए और 'खिलखिलाके हंस दिए ':
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