नाच उठा मन... Nach
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Altın Yaprak
नाच उठा मन
Saturday, March 16,2019
8: 50 AM
नाच उठा मन
सुनके नाम मोहन
सुखदायी और मनभावन
याद आए मोहे, नंदनवन
मीरा के भी आप
राधा के भी समीप
गाते ग्वाला आपका नाम
कहाँ हो मोरे घनश्याम।
जीवन अधूरा
मन भी अधीरा
मन रहे प्यासा
फिर भी है आशा।
भोर भए तुम याद आते
मन में छबि को ला देते
फिर सब मगन हो जाते
आप के ही गुण गाते।
कण कण में बसे हो
बस आपका ही रटण हो
नहीं हट ते पलभर के लिए
आँखे रहती बेचेन दर्शन के लिए।
हसमुख मेहता
Bu şiiri puanla
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