साथी हाथ बढ़ाना.... Saathi
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Altın Yaprak
साथी हाथ बढ़ाना
सोमवार, ६ अप्रैल २०२०
साथी हाथ बढ़ाना
बन ना किसीका सहारा
बन सके तो पोछ लेना
किसी के आंसू ना आने देना।
जीवन है मुश्किल पहाड़
हरदम मारे अपनी दहाड़
हाड मांस गल जाएंगे
पर किसीके काम ना आएँगे।
आलस का काम नहीं
साहस का परछम यहीं
चड़लो बुलंदी अपने बलपर
कहने लगे सब तुम हो शूरवीर।
बिना सहकार
नहीं है उद्धार
खुले हुए है प्रगति के द्वार
फिर चले जाना पवित्र हरिद्वार।
बार-बार मौक़ा नहीं आएगा
चूक गया तो हरदम पछताएगा
साहस अपना रंग दिखाएगा
तुम्हारे नाम को रोशन करेगा
एक दूसरे क़ा सहारा
जनम जनम का सथवारा
ना कहो कभी "ये मेरा काम नहीं "
हम सब का सहकार सही।
हसमुख मेहता
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