उम्मीद तो है
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Altın Yaprak
उम्मीद तो है
मंगलवार, ११ अगस्त २०२०
"उम्मीद"तो है अनमोल खजाना
रखो शौख से नहीं भरना पडेगा हरजाना
ये तो है सभी ने माना
उम्मीद से नहीं हार मानना।
उम्मीद की हमें जिद है
यही हमारा मकसद है
भले ही हमें कुछ ना मिले
आस्मां तो धरती से आ मिले!
हमारा जहाँ उम्मीदों से भरा है
इस से संसार हरा-भरा रहता है
हर पेहलु मेंनया रंग छीपा होता है
नयी पैदा हुई हर पिपासा को रोता है।
ना कर नादान मन जिद
तेरी तो सबसुनते है मंदिर और मस्जिद
चर्च तो घंट बजाके देते है अनुमति
उम्मीद तो है जो देती है आपको सम्मति।
हम सब को है कल की फ़िक्र
कोई नहीं करता उसका जिक्र
ना मुकरता है कोई अपने सवालों से!
धीरे से हट जाते है उठती हुई बबालों से।
डॉ. जाडीया हसमुख
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