प्रिये, तुम मीठे बोल बोलो ना
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Altın Yaprak
प्रिये, तुम मीठे बोल बोलो ना
और कोमल दुलार दिखाओं ना
तुम मुझे कस कर जकडलो
और मुझे निडर बनाओ ना
कुछ करुणा भी सिखाओ ना
मुझे चोट ना देना, मेरी परीक्षा ना लेना
ना ही मुझे कोई खेल सीखना
इर्षा से दूर रखना
और दया का दीप जलना
क्या ये सब तुम कर सकते हो
मुझको ज़रा बताना
जो ना कर सको तो,
मेरे दिल में ना बस जाना
न आँखों से खेल खेलना
ना अपने मधुर गीत गुनगुनाना
और ना होटों पर प्यास जगाना
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