A Lament / एक अफ़सोस (Hindi)
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Altın Yaprak
Original Poem is by Oscar Wilde
मूल रचना: ऑस्कर वाइल्ड
हिंदी रूपांतरण: रजनीश मंगा
जो विलासिता में रहता है उसके लिये सब ठीक है
यहाँ वहाँ सोने चाँदी को उसने संचित कर रखा है,
खुद को उसने वर्षा की चिंता से वंचित कर रखा है
भले वृक्ष वन में गिरते हों उसके लिये सब ठीक है.
उसके लिये सब ठीक जिसने है कभी जाना नहीं
भूख से वर्षों लड़ने वाले का ग़म क्या होता है
दुःख से रोता बाप बूढ़ा यूँ ही क्यों हो जाता है
और अकेली रोती माँ को भी उसने पहचाना नहीं.
पर जिसने अपने पाँवों से ही पूर्ण किया हो सफ़र
इन रस्तों पर चल चल कर थक कर चूर हुआ होगा,
जितने कष्ट मिले होंगे सब को साहस से सहा होगा
है बनाता सीढ़ी जो ले जाये स्वयं ईश्वर के दर पर.
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