Annabel Lee / ऐनाबेल ली (Hindi)
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Altın Yaprak
Annabel Lee
Poem written by Edgar Allan Poe
मूल कवि: एडगर एलन पो
हिंदी अनुवाद व रूपांतरण रजनीश मंगा द्वारा
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बहुत पुराने समय की यह बात है,
समुद्र के किनारे एक राज्य था,
वहीँ पर एक लड़की रहा करती थी जिसे आप
ऐनाबेल ली के नाम से याद कर सकते हैं
और इस लड़की के जीवन की बस इतनी सी मुराद थी
कि वह मुझको प्यार करे और मैं भी उसको प्यार करूँ.
मैं भी एक बालक था व वह भी एक बच्ची थी,
समुद्र किनारे बसे इसी राज्य में;
हम प्यार में डूबे रहते थे जो प्यार से कहीं अधिक था
मैं और मेरी ऐनाबेल ली;
जिनके प्यार को आकाश में उड़ने वाले फरिश्तों ने
स्वयं अपना आशीर्वाद दिया था.
और यही वजह थी कि बहुत पहले
समुद्र किनारे बसे इसी राज्य में;
बादल से बिजली का ऐसा वज्रपात हुआ कि जिसने मुझसे
मेरी प्यारी एनाबेल ली को छीन लिया;
फिर उसके ऊँचे खानदान के लोग आये,
और उसे मुझसे बहुत दूर ले गये,
ताकि उसे एक मकबरे में दफ़्न कर दिया जाये
समुद्र किनारे बसे इसी राज्य में;
फ़रिश्तों को अब स्वर्ग में संतोष नहीं है,
उन्हें उससे तथा मुझसे जलन होने लगी है
हाँ! यही तो कारण था (जैसा कि समुद्र किनारे बसे इस राज्य में सब लोगों का मानना है)
कि कैसे रात में बादल से बिजली ने लपक कर
मेरी एनाबेल ली को चुपचाप अपनी आगोश में ले लिया था.
हमारा प्यार उन सभी लोगों के प्यार से कहीं अधिक प्रगाढ़ था
जो हमसे उम्र में कहीं अधिक बड़े थे
उनमे से बहुतेरे हमसे अधिक बुद्धिमान थे
मगर न ऊपर स्वर्ग में निवास करने वाले फ़रिश्ते
और न समुद्र के नीचे रहने वाले दैत्य ही
मेरी आत्मा को प्यारी एनाबेल ली की आत्मा से
कभी जुदा कर सकते हैं.
क्योंकि चाँद तब तक नहीं उगता जब तक मैं प्यारी एनाबेल ली का सपना न देख लूँ;
और सितारे तब तक नहीं उगते जब तक कि मुझे उनमे प्यारी एनाबेल ली की चमकती आँखों का आभास न होने लगे;
और इस प्रकार सारी रात मैं उफनती लहरों में लेटा हूँ उसके निकट
जो मेरे दिल की मलिका- मेरी मलिका- मेरी जिंदगी और मेरी दुल्हिन है
जो अब है समुद्र के किनारे बनी उस मज़ार में,
समुद्र की लहरों के शोर के बीच अपने मकबरे मैं.
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