Depression / अवसाद (Hindi)
R
0
Altın Yaprak
Depression / अवसाद
This poem is originally written in English by Ms Jasbir Chatterjee, who is a Senior Member of this Forum (poemhunter.com)and an accomplished poet whose poetry has received International acclaim. Hindi translation is by Rajnish Manga.
अवसाद,
चार अक्षर का एक शब्द है,
उच्चारण भी बड़ा सरल है,
रपटता है, सुगमता से, गले से नीचे,
महाविनाशक व धूर्ततम कुछ...
सर पर चढ़ती कॉकटेल सा,
करता संज्ञाशून्य प्रथम तो,
फिर खा जाता अंदर अंदर
देता एक दिलासा झूठा
कि उड़ जाएगी बेहोशी
और परेशानियाँ हट जायेंगी...
ओह, ज़िया, काश तुम्हें इसकी सुध होती...
काश तुम इससे परे हो पाती,
खुदा की अपने रज़ा में रहती,
और आत्मघात की बात से बचती...
अवसाद,
चार अक्षर का एक शब्द है,
उच्चारण भी बड़ा सरल है,
असंतोष घिरने लगता है शनैः शनैः जब जीवन में
कभी कभी,
महाविनाशक व धूर्ततम कुछ...
किसी घनेरे कोहरे सा,
छा जाता है
और अपनी ठंडी बाहों में भर कर
यह विवेक को खा जाता है,
फिर यह कह कर मूर्ख बनाता,
इसका कवच बचा लेता है,
समस्यायें भी टल जाती है...
ओह, ज़िया, काश तुम्हें इसकी सुध होती...
काश तुम इससे परे हो पाती,
खुदा की अपने रज़ा में रहती,
और आत्मघात की बात से बचती...
(हिंदी अनुवाद: रजनीश मंगा)
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş