How Long / कब तक (Hindi)
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Altın Yaprak
How Long by Susheela Shiju
Hindi Translation by Rajnish Manga
कब तक (मूल रचना: सुशीला शिजू)
हिंदी अनुवाद रजनीश मंगा द्वारा
जब तक मौत हमें अलग न कर दे
तुम सदा मेरा प्यार बन कर रहोगे
मुझे आज भी तुम्हारे चेहरे की ख़ुशी याद है
जब तुमने मुझे पहली बार देखा था
तुम्हारे एक प्रगाढ़ आलिंगन ने
मेरे खालीपन को भर दिया था
और जो ख़ुशी मुझे मिली थी
मेरे लिए वह कल्पनातीत ही है
फरिश्तो ने ऊपर से देखा
उन्होंने देखा तुम्हें और मुझे
उनको लगा कि हम दोनों
धरती को स्वर्ग बना देंगे
वे तुमसे व मुझसे जलने लग गए
उन्होंने ईश्वर को रोक दिया
हम दोनों को पवित्र बंधन में बंधने से
ओह वे ऐसा कैसे कर सकते हैं!
जब ईश्वर ने ऊपर से देखा
और देखा तुमको और मुझे
उसे लगा कि हम दोनों मिल कर
धरती पर स्वर्ग बना लेंगे
क्या ईश्वर भी हम दोनों से जलन रख सकता था
जो उसने फरिश्तों को इस बात से रोका कि हमारी प्रार्थनायें
उस तक पहुँच सकें
जो हमने प्रणय सूत्र में बंध जाने के लिए की थीं
अब हम है
तुम और मैं
पृथ्वी के दो अलग ध्रुवों की तरह
गहन प्यार है किंतु कुछ टूटन भी है
मैं अपनी पीड़ा का प्रतिदिन विवरण लिखती हूँ
और रात में तकिया ले कर रोती हूँ
कितनी लंबी और विरह की घड़ियाँ है
कितनी लंबी और ये टूटन रहनी है....
(Note: I am extremely grateful to Ms Susheela Shiju for having granted her permission to translate this wonderful poem into Hindi)
Bu şiiri puanla
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