Judgment / फ़ैसला (Hindi)
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Altın Yaprak
Judgment (Originally Written by Leslie Coulson)
फ़ैसला (मूल रचना: लेस्ली कूल्सन)
हिंदी अनुवाद रजनीश मंगा द्वारा
ऐसा ही सही, ईश्वर, तुम जो दोगे मुझे मंजूर होगा
और ख़ुशी से वह लौटा दूंगा जो मुझसे वापिस चाहोगे
मेरे लिये तुमने चुने हैं बंजर और उबाऊ दिन, पर मैं
बिना कोई प्रश्न किये तुम्हारे आदेश का पालन करूँगा
मैं इसे तर्क की छलनी से भी नहीं छानना चाहूँगा
तुम्हारी सोच का दायरा हमारे तर्कों से कहीं ऊपर है
हम बेचारे मिटटी के पुतले इन बातों को क्या समझें
क्योंकि तुम वैसे ही ढालोगे जैसा तुम्हें अच्छा लगेगा.
मगर जब मेरे दुःख भरे झुलसाते दिन ख़त्म होंगे
और मेरी मिटटी को सजा कर दफ़्न करने ले जायेंगे
तब मेरी रूह सोने से बने तुम्हारे द्वार पर पहुंचेगी
तब मेरी रूह ऊपर उठेगी और तुम्हें आवाज़ लगायेगी
तुम बताओगे कि ऐसा क्यों हुआ और जैसा तुम उत्तर दोगे
वैसा ही मैं तुम्हारा फैसला करूँगा, ईश्वर, न कि तुम मेरा.
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