शतरंज (Hindi)
R
0
Altın Yaprak
जीवन की शतरंज बिछी है श्वेत श्याम हैं वर्ग
यहीं पे अपना जीना मरना मिले नर्क व स्वर्ग
विजय पराजय युद्धभूमि में मिले कर्म अनुसार
जीवन जैसे महाकाव्यमय कथा पर्व और सर्ग
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş