सबसे बड़ा धन
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Altın Yaprak
जख्मों को कुरेदने से
घाव भर नहीं जाता।।
जख्मों को कुरेदने से
रास्ता आसान नहीं हो जाता।।
जीवन की नैया बीच मजधार में
आपे से बाहर हो जाति, आंधी के आने से।।
मन का चैन से बड़ा कोई नहीं
शीतल वायु समान कोई नहीं।।
ओ माझी चलता चल
समय के पहिए थमते नहीं एक पल।।
बलवान हो गया हैं ये मन
आंधी तूफान के झौके सह सह के हर पल।।
न समझो तुम कमज़ोर एक दम
आज भी लोहे जैसा है इसमें दम।।
माना की जिंदगी अनौचत्य का आईना देखा गई
पर जाने अंजाने मानव स्वभाव का बहुमूल्य पाठ पड़ा गए।।
मनुष्य सिर्फ अपनी सोचता है
फिर चाहे क्यों न सामने उसका बेटा खड़ा हो।।
दुनिया के थपेड़े सहते हुए भी अच्छाई का दामन थामे रहे
लाख कोशिश किया फिर भी अच्छाई छोड़ती नही उनका रूह।।
चाहे खुद को लग जाए छुरा भी गम नही
पर सामने वाले को खरोंच भी आ जाए, उनको ये गवारा नहीं।।
मन की सादगीता से बड़ा कोई धन नहीं
और उम्मीदों से सजा हुआ आंगन से खुशहाल जीवन कोई नहीं।।
© वर्षा मधुलिका
११.०६.२०२१.
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