तमन्ना मेरी

V Varsha M Varsha M
0 Altın Yaprak
चांद ने चांदनी को चूम ही लिया रात की रानी का चादर ओढ़े हुए धीमे धीमे कदमों की आहट में।। मंद मंद हवाओं के झोंके के मध्य में लहराते हुए पत्तों की सरसराहट मे वो पल चुरा ही लिया तेरे संग चलने का।। चांदी का चादर ओढ़े हुए चांद का आलिंगन करती मेरे ये नयन जन्नत की सैर कर आए हम पल भर में यूंही।। न जाने कब होगा संगम पर वादा है ऐ हमदम रहेंगे हम आपके जन्मों जन्म।। चांद और चांदनी का ये अभिनय दूर दूर तक देखे जमाना सारा पर समझे ना ये इशारा गहरा।। ओ! मेरे सनम अलबेले समय की नज़ाकत समझें और हमसे मिलने आ भी जाएं तड़के।। न धूप न छांव न ऊंचाई न गहराई पर बेपनाही के लिए अब आ भी जाइए।। नयन बिछाए आपके इंतज़ार में भोर से रात हो चले टूटे न मेरा विश्वास ये ध्यान रखिएगा।। एड२८०६२०२१ वर्षा मधुलिका

Bu şiire çeviri ekle ·

Bu şiiri puanla

Henüz puan verilmemiş

Yıldıza dokunarak 1–10 arası puan ver

Yorumlar

Yorum yapmak için giriş yapmalısın.

Giriş yap

Bu şiire henüz yorum yapılmamış. İlk sen ol.

Sana daha iyi bir okuma deneyimi sunabilmek için sitemizde çerez kullanıyoruz. Kişisel verilerin KVKK ve GDPR kapsamında işlenir; hangi çerezlere izin verdiğini dilediğin zaman değiştirebilirsin.