आने की आहट
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Altın Yaprak
आने की आहट
बुधवार, २८ अगस्त २०१९
आपकी आने की आहट
ला देती है एक मुस्कराहट
बस हो जाती है मन में गभराहट
हम भाग लेते है साथ बोखलाहट।
फूल तो खिल ही गया है
मन ही मन भा गया है
बस एक तसवीर सी बना गया है
पागलपन का बस एक दौर बाकी है।
ना सोचा था आफत बन जाएगी
प्यार का सन्देश लाकर, मन में बस जाएगी
हंसती थी मानो फूल की कली हो
गिराती हो आँखों से मानो बिजली हो
ना करना अब ज्यादा इंतजार
धीरे से कर लेना महोब्बत का इकरार
बस बना रहेगा पल ये यादगार
कभी ना पड़ेगी बीच में दरार।
आँखे तेरी जब ऊपर को उठे
मन मेरा तुझ से कभी ना रुठे
ऐसी महोब्बत से सजे आशियाना
कटेगा सफर मेरा नया होगा तराना।
हसमुख मेहता
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