जीवन एक नैया..... Jivan
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Altın Yaprak
जीवन एक नैया
मंगलवार, ४ सितम्बर २०१८
कहाँ से तू आया हैं
ओर कहाँ तुजे जाना है
अबुध, अघ्यानी और घमंडी
बंध हो जाएगी तेरी मंडी।
सोच ले। अब तेरा समय समाप्त
नहीं बनेगा कोई आप्त
समय के चलते सब हो जाएंगे गायब
ये दुनिया है ही अजायब।
दुनिया भगवान की बनाई गई मायाजाल है
हर समय आपातकाल लगा रहता है
कभी धुप तो कभी छाँव आ जाती है
मन को बैचेन और उग्र कर देती है।
परेशान ना हो
बस चलते रहो
उसका का भी हल आके रहेगा
जीवन में उजाला आ के ही रहेगा।
जीवन को ध्यान से समजो
परखो और मुकाबला करो
काम आपका होके ही रहेगा
अँधेरे बादल का छाया छँटके रहेगा।
ये फलसफ़ा नया नहीं
जीवन एक नैया है यही
हमें पार करना है नदी
भले ही वो क्योंना दे हमें त्रासदी!
हसमुख अमथालाल मेहता
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