दिल का हाल ❤️
M
0
Altın Yaprak
दिल को तार तार करते वो बांसुरी के स्वर
कुछ टूटे पंख तितलियों के
कुछ बिखरी सूरज की किरणे
ठण्ड से कप कपाते हाथ
धुंधलाती हुई आँखों की रोशनी
मचलते दिल का हाल बयां कर रही है
समंदर में उठती लहरें
टिम टिमाते जुगनू
सायं सांय बसों से गुज़रती हवा
दूर कहीं से उठता हुआ धुँआ
दिल का मलाल बयां कर रहा है
और तुम इन सब से बेख़बर
अपने मख़मली बिस्तर पर
बालों को बिखेरे हुए
चैन से सो रही हो
न जाने किसे सपनो में पनाह दे रही हो
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş