छद्म पत्रकार (Hindi)
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Altın Yaprak
सारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पीला हो चुका है
कितने पत्रकार हैं जो सफ़ेद को सफ़ेद व काले को काला कहते हैं
हिंदी मीडिया में तो यह समस्या बेहद गंभीर है
सच दिखाना, प्रशासन की खामियां बताना व सत्ता से सवाल करना
यह सब छोड़ कर आज का रंग बिरंगा पत्रकार
निरर्थक बहसें व निराधार चर्चाएँ (एटम बम से कैसे बचें)करवाता है
सत्ता पक्ष की मन-सुहाती करता है और सुनाता है
(पीत पत्रकारिता / yellow journalism = सारहीन व मनगढ़ंत, सनसनीखेज,
दिखावे वाली सुर्खियाँ व समाचार प्रसारित करने वाली पत्रकारिता)
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