मैं नहीं जानता (Hindi)
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Altın Yaprak
कोई मुझे न समझाए
कि ईश्वर है या नहीं.. इसे
सच में ही मैं नहीं जानता
पर जब से तुम हो साथ मेरे
मैंने सब कुछ पाया है
यह कैसे क्यों हो पाया है?
सच में ही मैं नहीं जानता
इसको संयोग भी कह सकते हैं
पर मैं इसको संयोग नहीं
ईश्वर की कृपा समझता हूँ
मैं हूँ- और है मेरा ईश्वर
फिर किसकी और जरुरत है?
मुझे किसी की परिभाषा
या तर्कों से लेना क्या है?
ईश्वर है या नहीं.. इसे
खुद मुझ पर ही छोड़ दीजिये
कोई मुझे न समझाए....
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