मेरा कद (Hindi)
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Altın Yaprak
बड़े दिनों से बात थी मन में
आज जो कागज़ पर उतरी है
मैं जब भी तुम्हारे संग चलता हूँ
क्यों मेरा कद बढ़ जाता है?
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş