प्रेम (Hindi)
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Altın Yaprak
प्रेम है पूरा समर्पण, मांगता यह कुछ नहीं.
मूक वाणी प्रेम की सुन और कह कुछ नहीं.
इक चिरंतन प्रेम से संसार सारा बांध ले,
प्रेम ईश्वर तत्व है इससे इतर यह कुछ नहीं.
इसमें पशुता है तनिक न प्रेम आदमखोर है,
प्रेम है निर्मल कि जिसमें है भयावह कुछ नहीं.
विस्तृत सनातन प्रेम सारे विश्व में फूले फले,
विशुद्ध प्रेम के सिवा ये ईश अल्लह कुछ नहीं.
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