समुद्र की लहरें।
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Altın Yaprak
समुद्र की लहरें उठती हैं गिरती हैं
प्रचण्ड वेदना को सह कर भी वह
कभी नहीं थकती और ठहरती है
समुद्र की लहरें प्रतिपल जीती है।।
जहां जीवन है संचार है हर पल
जहां संचार है ऊर्जा है हर पल
ऊर्जामान आगे बढ़ता है सदा
कितनी ऊर्जा समेटे हुए है बक्ष में ।।
समुद्र की लहरें दे देती है सदा
कुछ भी नहीं रखती है अपने लिए
समुद्र के उदर में पल रहे जीव
अपने अस्तित्व की रक्षा करती है सदा।।
यह तो बस समुद्र की लहरें है
जिसकी गर्जना से जीवन जागृत होता है।।
Created on 21/9/2025
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, @ Ramesh Rai
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