आभार (Hindi)
R
0
Altın Yaprak
मैं उनका अपने दिल की गहराई से आभारी हूँ
कठिन समय में जिन्होंने मेरा साथ दिया है
मेरे स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनायें की हैं
बीमार नहीं हूँ लेकिन कुछ कमज़ोरी बाकी है
कुछ दवा ने कुछ उनकी दुआ ने काम किया
उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रगट करता हूँ
निस्वार्थ सेवा और मानवता को समर्पित
उनका जीवन पीड़ायें सब की हर लेता है
और हम जैसों को जीने का मर्म सिखाता
प्रेरणा देता और योगक्षेम का शंख फूंकता है.
Bu şiiri puanla
Henüz puan verilmemiş